Saying ‘Political Parties Need Not Reveal Funding Sources’ Kills the Spirit of RTI Act

On December 21, the Central Information Commission ruled that voters and citizens need not know how political parties are funded, implying that they cannot be described as “public authorities”. The issue is electoral bonds. In two decisions on December 21, 2020, a single-member bench of the Central Information Commission (CIC) said that people/citizens/voters do not have […]

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करप्शन का बैरोमीटर:भ्रष्टाचार में हम एशिया में नंबर वन! कैसे मिलेगी इस बीमारी से मुक्ति?

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर फॉर एशिया’ के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भारत अब एशिया में शीर्ष पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फीसदी लोगों को अपना काम निकलवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। इनमें से 63 फीसदी ने इस डर से काई शिकायत भी नहीं की कि इससे […]

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The charade of limits on election expenditure by candidates

The Election Commission recently mooted connecting electoral expense limits to population and inflation; but will that create a level playing field between rich and poor candidates? “Indian politicians start their legislative careers with a lie — the false spending returns they submit? – Atal Bihari Vajpayee” Achchhe din (Good days) are here for at least one category of persons in India: […]

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राजनीतिक दल खुद ही करें आय – संपत्ति का खुलासा

पिछले 15 वर्षों से राजनीतिक दलों की भरसक कोशिश रही है कि मतदाताओं को चुनावी फंडिंग के बारे में पता न चले लोकतंत्र में राजनीति और चुनावों में पैसे की भूमिका बढ़ती जा रही है। कई रिपोर्टों में सामने आया कि 2019 के चुनावों में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव से ज्यादा पैसा खर्च हुआ। इससे लोकतंत्र, […]

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वोट बहिष्कार के आगे और ‘नोटा’ में समाधान ढूंढ़ना होगा

बिहार के लक्खीसराय अंतर्गत कई गांवों के लोगों को गर्मी के दिनों में कई किलोमीटर दूर से पेयजल ढो कर लाना पड़ता है। चार सौ घरों के मझियांवा में बारह सौ मतदाता हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव में आज़ादी के बाद मिले सबसे बड़े और क्रांतिकारी वोट के अधिकार का बहिष्कार कर दिया, लेकिन उनकी […]

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क्या निर्वाचन आयोग की चिट्ठी का असर राजनीतिक पार्टियों के ऊपर होगा ?

यह सर्वविदित है कि सर्वप्रथम राजनीतिक पार्टियां गंभीर अपराधों के आरोपित उम्मीदवारों को अपना उम्मीदवार घोषित करती है इसके बाद जनता उस उम्मीदवार को मजबूरन चुनती है, लेकिन, पिछले दिनों चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को अपनी चिट्ठी में हिदायत करते हुए लिखा है कि वे वैसे उम्मीदवारों को प्रत्याशी नहीं बनाए, जिसके खिलाफ […]

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क्या आय के स्रोतों के खुलासे से राजनीति में आ पाएगी शुचिता ?

चुनाव प्रक्रिया में सुधार एवं राजनीति में शुचिता के लिए उच्चतम न्यायालय ने पिछले दिनों एक ऐतिहासिक व अहम फैंसला सुनाया था। न्यायालय ने याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सांसद एवं विधायकों की संपत्ति इतनी कैसे बढ़ जाती है ? यह जनता को जानने का अधिकार है। फैंसले के मुताबिक उम्मीदवारों […]

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